कुलपति की गाड़ी से मधेपुरा में टकरा गया था भूत

|विवि. सं.|02 मई 2013|
चौंकिये नहीं, ये हकीकत है क्योंकि बी.एन.मंडल विश्वविद्यालय के नव पदस्थापित कुलपति डा० आर.एन. मिश्रा ने विशेष बातचीत में खुद स्वीकारा है कि उनकी गाड़ी से मधेपुरा सदर अस्पताल के सामने ही मुख्य मार्ग पर पिछले दिनों भूत टकरा गया था.
      विज्ञान विषय के विद्वान प्राध्यापक बी.एन.मंडल विश्वविद्यालय के नव पदस्थापित कुलपति डा० आर.एन. मिश्रा ने मधेपुरा टाइम्स के द्वारा पूछे गए इस सवाल पर कि क्या भूत-प्रेत वास्तव में होते हैं पर भूत के साथ अपने अनुभव को सुनाया.

दर्द में पत्नी से छाती पर कचिया से करवाया तीन दर्जन से अधिक छेद

|वि.सं.|01 मई 2013|
चिकित्सा विज्ञान लाख प्रगति का दावा कर ले पर अभी भी बहुत से लोग ऐसे भी हैं जो बीमारी का इलाज झाड़-फूंक और अंधविश्वास के उपायों से करवाते हैं. मधेपुरा में छाती दर्द से पीड़ित एक व्यक्ति ने आराम पाने के लिए अपनी छाती पर कचिया जैसे नुकीले हथियार से तीन दर्जन से अधिक छेद करवा लिए. और यह छेद और कोई नहीं उसकी धर्मपत्नी ने ही किया.
      व्यवहार न्यायालय मधेपुरा में अनुसेवक की नौकरी कर रहे छोटेलाल मरांडी आदिवासी समाज से आते हैं और बताते हैं कि उनके समाज में अभी भी कई बीमारियों का इलाज आदिवासी समाज की पुरानी मान्यताओं के मुताबिक ही किया जाता है. उन्होंने दावा किया कि इस विधि से उन्हें छाती दर्द में आराम हो गया. साथ ही उनका दावा है कि झाड़-फूंक तथा अन्य विधियों को अपनाकर उनका समाज लकवा और अन्य बड़ी बीमारियों पर भी विजय हासिल कर लेता है.
      चिकित्सा विज्ञान में होने वाली रोज की प्रगति से इन्हें कोई लेना-देना नहीं है. चिकित्सकों की मानें तो इनके द्वारा इलाज की विधि का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है और इनके समाज के बहुत से लोग आज भी अंधविश्वास में डूबे हुए हैं. कई व्यक्ति इन सबकी वजह इनका अशिक्षित और रूढिवादी होना बताते हैं.
      पर छोटेलाल मरांडी जैसे कई लोग हैं जिन्हें इस बात की तनिक भी परवाह नहीं है कि पढ़े-लिखे लोग उनके बारे में क्या कहते हैं. लोगों की नजर में अंधविश्वास में ही  उनका विश्वास है

सुहागरात के बाद की पहली सुबह और दुल्हन से सवाल




शादी के अगले दिन दुल्हन की सहेली ने उससे पूछा...

सहेली: कल रात को तेरे साथ क्या हुआ?

दुल्हन: कुछ नहीं हुआ...

सहेली: अरे बता ना, शरमा क्यों रही है...

दुल्हन: पहले उन्होंने मेरी चुन्नी उतार कर खूंटी पर टांगी, फिर मेरी कमीज और सलवार उतार कर खूंटी पर टांग दी...

सहेली: फिर क्या हुआ?

दुल्हन: फिर अचानक खूंटी टूट गई और...

सहेली: और क्या?

दुल्हन: और वो सुबह तक खूंटी लगाते रहे...!!!
 

आपके चावल रहें उजले- उजले

घर में अनाज का भंडारण हम सभी करते हैं। इनमें गेहूं और दालें, तो आसानी से सहेज लिए जाते हैं, लेकिल चावलों को कीड़ों के प्रकोप से बचा पाना जरा मुश्किल होता है। आजमाएं कुछ उपाय, जिनसे चावल रहें सुरक्षित..

 चावल के बीच-बीच में नमक  की डली डाल दें। इससे सालभर चावल खराब नहीं होंगे।
 चावल में नीम या मेथी की सूखी पत्तियां मिलाकर भी रख सकते हैं।
 रातभर के लिए चावल को ओस में रख दें। सुबह छानकर डिब्बे में भर लें। इसके बाद न चावल खराब होंगे और न कभी उसमें कीड़े लगेंगे।
चावल में अरण्डी का तेल चुपड़कर रखें। सालों-साल चावल खराब नहीं होंगे।
 थोड़ा-सा खाने वाला चूना चावल में डालें और अच्छी तरह मिलाकर एक डिब्बे में भर दें। चावल खराब नहीं होंगे।
 हल्दी पाउडर की कुछ छोटी-छोटी पोटलियां बना लें। इन्हें चावलों के बीच-बीच में रख दें।
 करेले के सूखे छिलके चावल में मिलाकर रखें। कीड़े नहीं लगेंगे।
 बरसात के दिनों में चावल के डिब्बे में स्याही सोखता रख दें। इससे चावल सीलते नहीं हैं। ये पेपर किसी भी स्टेशनरी की दुकान में आसानी से मिल जाएगा।

ऐसी स्त्री से शादी करने पर सुख नहीं मिलता

विवाह से केवल वर और वधू का जीवन ही प्रभावित नहीं होता बल्कि दोनों के परिवारों के जीवन पर भी असर पड़ता है। इसी वजह से विवाह से पूर्व दोनों ही पक्षों को पूरी-पूरी सावधानी रखनी चाहिए। आचार्य चाणक्य ने बताया है कि किस स्वभाव की स्त्रियों से विवाह नहीं करना चाहिए, यहां दिए गए फोटो पर क्लिक करें और जानिए...

पतिव्रता (?) नारियाँ !

दो तरह की पतिव्रताएं देखने को मिलती हैं ....
एक - जो पति का जीना हराम रखती हैं
जीभर के गालियों से नवाजती हैं
हिकारत से देखते हुए
तीज और करवा चौथ करती हैं
चेहरा कहता है भरी महफ़िल में कि" मान मेरा एहसान .
जो मैं ये ना करूँ तो लम्बी आयु को तरस जाओगे ..."
और इस कमरे से उस कमरे गाती चलती हैं -
" भला है बुरा हैजैसा भी है , मेरा पति मेरा देवता है "
और इस तर्ज के साथ कई पति गुल !
...........................................................
दूसरी - जो हर वक़्त नज़ाकत में कुछ नहीं करती ...
एक ग्लास पानी तक नहीं देती
पर लोगों के बीच कहती हैं ,
" चलती हूँ , इनके आने का वक़्त हो चला है
- दिन भर के थके होते हैं
तो उनकी पसंद का कुछ बनाकर
चाय के संग देना अच्छा लगता है ..."
और लम्बे डग भरती ये चल देती हैं
घर में पति के आते ये एक थकी हारी मुस्कान देती हैं
नज़ाकत की बेल का हाथ थाम पति पूछता है -
" अरे , क्या हुआ ? "
पत्नी एहसान जताती कहती है -
" कुछ नहीं , पूरे दिन सर भारी भारी लगता रहा है ...
खैर छोड़ो , चाय बनाती हूँ ..."
बेचारा पति ! सारी थकान भूल कहता है -
' नहीं मेरी जान , मैं बनाता हूँ " .....
चाय पीकर फिर बाहर चलने का प्रोग्राम बनता है
लिपस्टिक और लम्बी सी मुस्कान लिए
हिम्मत दिखाती ,प्यार जताती पत्नी चल देती है
और पति कुर्बान !
.......... असली पतिव्रता को कुछ भी दिखाने की ज़रूरत नहीं पड़ती , .... वे तो बस होती हैं !

 
--रश्मि प्रभा,पटना

तुमको पाने की आस नहीं !

वो झीनी साड़ी में झलकता बदन ।
कोमल मधुवन चंचल चितवन ।
हिरणी सी उसका बलखाना ।
कर दे कितनें को दीवाना ।
वो मधुकुँज की मधुबाला ।
जिसको पाकर पीलुँ हाला ।
वो चँद्रवदन वो नीलनयन,
सबको पागल कर देती है ।
वो नैन नक्श वो कोमल ओँठ,
सबको ब्याकुल कर देती है ।
जब होंठ तुम्हारे हिलते हैं,
मोती झर झर झर झरते ।
आते जाते गलियों से,
हर अशिक आँहे भरते हैं ।
तुमको पाने की आस नहीं ।
मैं निर्धन हूँ कोई खास नहीं ।
मैं करूँ दुआ उस भगवन से,
तुमको भी शाहजहाँ मिले ।
जो याद में तेरे करे खड़ा,
वो ताजमहल सा जहाँ मिले ।
वो झीनी साड़ी में झलकता बदन ।
कोमल मधुवन चंचल चितवन ।

--रोहित सिंह, सिंघेश्वर,मधेपुरा

खता..../// असित रंजन

खता हुई है जरूर मुझसे कोई,
माफ कर दो मुझे ए जाने जहाँ.
   यूं नफरत से न आँखें फेर,
   तेरी आँखों में है मेरे दोनों जहाँ.
तेरे सजदे में हूँ ए नूरे-हुस्न,
मुझे वापस कर दो मेरा जहां.
   वाकिफ नहीं था मैं दुनिया के रंगों से,
   पर अब जान गया हूँ सारा जहाँ.
तू है मेरी,बस मेरी, मैं नहीं कहता
पर जानता है ये सारा जहां
   तू यूं गुस्से में न हँसो
   है कातिल ये सारा जहाँ.
खता भूलकर करीब आ जाओ,
वादा है भूल जाओगी सारा जहाँ.
   खता हुई है जरूर मुझसे कोई,
   माफ कर दो मुझे ए जाने जहाँ.
यूं नफरत से न आँखे फेर
तेरी आँखों में हैं मेरे दोनों जहां.
--असित रंजन, मधेपुरा.

कोसी के जलस्तर में लगातार वृद्धि:28 फाटकों को खोला गया

पंकज भारतीय/15 जुलाई 2012
नेपाल के जलग्रहण क्षेत्र में लगातार भीषण बारिश होने के कारण कोसी के जलस्तर में काफी वृद्धि दर्ज की गयी है.आज शाम पांच बजे दर्ज किये गए रिकॉर्ड के मुताबिक़ बराह क्षेत्र में कोसी का डिस्चार्ज 142250 क्यूसेक तथा बराज पर 185270 क्यूसेक रहा.दोनों ही जगह ये बढते अवस्था में था.
   जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए नदी को केन्द्रीय रूप से बहाने के लिए बराज के 28 फाटकों को आज खोल दिया गया है.कोसी तटबंध पर तैनात इंजीनियरों के मुताबिक़ स्थिति नियंत्रण में है.

"मैं दूंगा साथ तेरा"///अमन कुमार

मैं दूंगा आवाज तुम्हे,
आवाज मेरी तुम सुनना 
सबसे प्यारा और न्यारा हो जो,
रिवाज वही तुम चुनना 
डर से जो डर लगे कभी ,
हाथों को थाम लेना मेरा 
जीवन के हर पथ पे रथ पे,
मैं दूंगा साथ तेरा 

इस जीवन से कुछ सीखा हमने,
कुछ दूसरों ने सिखाया
पर जीवन क्या है, क्यूँ है ?
अब तक समझ ना पाया 
सुख दुःख है संगम जीवन के,
मुझे दोनों अब लगते प्यारे 
जीवन को व्यर्थ ना करना तुम,
मत बनना कभी आवारे 

जीवन को जीना ऐसे की,
कोई तो याद करे तुमको
कर सको तो कुछ ऐसा करना,
सब दे दुआएँ तुमको
जिसे कद्र ना हो तुम्हारी,
वहां डालना मत अपना डेरा 
इक बार मुझे कर लेना साथ,
फिर सब होगा न्यारा-प्यारा

रोते देखकर तुमको, मैं हस दूँ
ऐसा भी हो सकता है क्या. .??
तुम फँसे रहो भवंर में,  मैं मौज करूँ
ऐसा भी हो सकता है क्या. .??

कभी सोचना मत खुद को अकेला,
भूलकर रिश्ता मेरा. .
जीवन के हर पथ पे रथ पे,
मैं दूंगा साथ तेरा. . .

--अमन कुमार, मधेपुरा.

ये हवस की 'इंतिहा' है इससे ज्यादा क्या कहें ?///शिखा कौशिक

लुट रही अस्मत किसी की  
जनता  तमाश बीन   है  ;
इंसानियत  की निगाह  में   
 
जुल्म  ये संगीन    है  .
  
चैनलों  को  मिल  गयी  
 
एक नयी ब्रेकिंग न्यूज़ 
 ;
स्टूडियों में  जश्न है 
 
मौका  बड़ा  रंगीन  है .
अखबार में  छपी  खबर 
 
पढ़  रहे  सब चाव से ;
 
पाठक भी अब ऐसी खबर
   
पढने  के  शौक़ीन हैं .
ये हवस की इंतिहा'  है
 
इससे ज्यादा क्या कहें 
 ?
कर   लें औरत को  नंगा
 
ये मर्द की तौहीन  है .
बीहड़  बनी ग़र  हर  जगह  
 
  कब  तक  सहेगी  जुल्म  ये ;
 
कई  और  फूलन  आएँगी
   
पक्का  मुझे  यकीन  है.
  --शिखा कौशिक, शोध छात्रा

भारत के सबसे महंगे होटल के अंदर दिखते हैं ये भव्य नजारे


IN PICS: भारत के सबसे महंगे होटल के अंदर दिखते हैं ये भव्य नजारे



किसी भी सेक्टर में यह बात लागू होती है कि अगर कस्टमर्स को कहीं कुछ नया मिले तो वह उनकी तरफ बहुत अट्रैक्ट होते हैं। हॉस्पिटेलिटी इंडस्ट्री में भी कुछ होटलों की तरफ ट्रैवेलर्स खिंचे चले जाते हैं, क्योंकि ये देते हैं कुछ खास, कुछ नया।
होटलों के मामले में भारत किसी से कम नहीं है। यहां एक से बढ़कर एक होटल हैं कुछ पुराने तो कुछ नए, लेकिन अब इनमें सबसे महंगे होटल का भी नाम जुड़ गया है। इस होटल का नाम है लीला पैलेस कैंपिंस्की। यह होटल राजधानी दिल्ली में है और इसे बनवाया है लीला ग्रुप ने। यह शानदार होटल दिल्ली के पॉश इलाके चाणक्यपुरी में है। इसे एक महल का रुप दिया गया है। नामी गिरामी कलाकर सतीश गुजराल ने इसका म्यूल बनाया है।

पेश है भारत के सबसे महंगे होटल पर एक फोटो फीचर-

सरे आम लड़की से खिलवाड़, मीडिया पर उठे सवाल


सरे आम लड़की से खिलवाड़, मीडिया पर उठे सवाल


नई दिल्‍ली. गुवाहाटी की एक घटना ने पूरे देश को शर्मसार कर दिया है। सड़क पर करीब 20 लड़के एक अकेली लड़की को सरे राह नंगा करने की कोशिश में आधे घंटे तक उससे खिलवाड़ करते रहे और वहां से गुजर रहे लोग तमाशबीन बने रहे। गुवाहाटी की घटना सड़क की है। लेकिन उत्‍तर प्रदेश (जहां महिलाओं को घर में कैद रहने का फरमान सुनाया गया है) में तो पुलिस थाने में ही एक महिला की इज्‍जत पर धावा बोल दिया गया। वह भी राजधानी लखनऊ के थाने में। और, आरोप के मुताबिक धावा बोलने वाला उसी थाने का दारोगा था। लड़की की इज्‍जत घर में भी महफूज नहीं रही। एक नाबालिग की इज्‍जत उसके भाई ने ही घर में लूटी और भाभी की मदद से भाई के दोस्‍त ने भी उसका रेप किया।
गुवाहाटी की घटना को लेकर मीडिया पर सवाल उठाए जा रहे हैं। एक तो यह कि घटना का वीडियो बनाने वाले टीवी न्‍यूज चैनल के कैमरामैन को पहले लड़की को बचाना चाहिए था या नहीं? दूसरा सवाल यह उठ रहा है कि क्‍या मीडिया को यह वीडियो दिखाया जाना चाहिए या नहीं? इन सवालों के जवाब आप खुद दें (नीचे कमेंट बॉक्‍स में टाइप कर सबमिट करें), लेकिन इतना तय है कि दुनिया के सामने यह घटना आई तो इसी वजह से क्‍योंकि कैमरामैन ने वीडियो रिकॉर्ड किया। इसी के बल पर पीडि़त लड़की को इंसाफ मिल सकता है। लड़की ने सभी लड़कों के लिए उम्रकैद की मांग की है।
समाज का दानवी चेहरा दिखाने वाली इन तीनों घटनाओं का ब्‍यौरा पढ़ने और असम की घटना के फोटो क्लिप देखने के लिए आगे क्लिक करें। क्‍या वाकई भारत कायरों का देश हो गया है, जहां ऐसी घटनाओं के खिलाफ कोई आवाज नहीं उठाता? इसके लिए कौन जिम्‍मेदार है? पुलिस, जनता या फिर समाज की घटिया सोच?। अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्‍स में टाइप कर सबमिट करें।