दुनिया के सबसे बड़े जादूगर की पोल खुली, एक तस्वीर से पकड़ा गया झूठ


दुनिया के सबसे बड़े जादूगर की पोल खुली, एक तस्वीर से पकड़ा गया झूठ

(इस तस्वीर को ट्विटर पर शेयर किया गया। लोगों का कहना है कि डाइनेमों ने ऊपर उठने के लिए तार का सहारा लिया। तस्वीर में भी दो तार साफ देखे जा सकते हैं। )
 
लंदन। वह पानी पर चलते थे और हवा में उड़ते थे। करोड़ों लोग उनके करिश्मे देखकर दांतों तले उंगली दबा लेते थे, लेकिन एक गलती हुई और उनकी पोल खुल गई। 
 
दुनिया के सबसे बड़े जादूगर डाइनेमो अपने नए टीवी शो के लिए गुरुवार को लंदन की सबसे ऊंची इमारत शर्ड पर उड़ने का कारनामा दिखा रहे थे। उसी समय किसी ने उनकी तस्वीर खींच ली, जिसमें उन्हें ऊपर खींचने वाले दो तार साफ नजर रहे थे। सोशल साइट ट्विटर पर यह फोटो वायरल हो गई और उनके प्रशंसकों का गुस्सा फूट पड़ा।
 
कई लोगों ने ट्वीट किया है कि ये कौन सा जादू है, जिसमें हर कोई आपको खींचने वाले दो तार को आसानी से देख सकता है। इसके बावजूद आप 1016 फुट की ऊंचाई पर उड़ने का दावा कर रहे हैं। 
 
कर चुके हैं कई बड़े कारनामे 
31 साल के डाइनेमो का मूल नाम स्टीवेन फ्रेन है। उन्होंने लंदन की थेम्स नदी को पैदल चलकर पार करने और उड़कर डबल डेकर बस पर चढ़ जाने का कारनामा किया है। उनका टीवी कार्यक्रम मैजिशियन इम्पॉसिबल दुनिया भर में कई भाषाओं में प्रसारित होता है। भारत में भी उनके लाखों प्रशंसक हैं।

ये 8 चीजें आजमा कर देखें, कहते हैं इनको खाने से बुढ़ापा नहीं झलकता

उज्जैन। हेल्दी खाने के बहुत फायदे होते हैं। सही और संतुलित आहार लेकर न सिर्फ शरीर को स्वस्थ बनाया जा सकता है, बल्कि एजिंग साइन को भी रोका जा सकता है। खाने की कुछ चीजें ऐसी हैं जिनमें एंटी-ऑक्सीडेंट और फाइटोकेमिकल्स की भरमार होती है। ये अनेक बीमारियों से लड़ने में मदद करते हैं। साथ ही, स्किन और बॉडी को हमेशा जवान बनाए रखने में भी सहायक होती हैं। आइए, आज जानते हैं कुछ ऐसी ही चीजों के बारे में, जो स्किन को हमेशा जवान बनाए रखती हैं।

- पपीता को गुणों की खान कहा गया है। यह आपके पेट का भी ख्याल रखता है। साथ ही, त्वचा की खूबसूरती को भी बनाए रखता है। यह कई बीमारियों से दूर रखता है और इसका स्वाद भी बेजोड़ है। इसमें पर्याप्त मात्रा में विटामिन ए और एंटी-ऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं। इसलिए इसके नियमित सेवन से त्वचा हमेशा जवान बनी रहती है।

- दही में कई तरह के पौष्टिक तत्व पाए जाते हैं। अध्ययनों से पता चला है कि दही में जीवित बैक्टीरिया होते हैं। ये पाचन में मदद करते हैं। कैल्शियम का अच्छे स्रोत होने के कारण ये ऑस्टियोपोरोसिस से बचाता है। साथ ही, स्किन को यंग बनाए रखता है।

ऐसी महिलाएं ही कुछ अचीव कर पाती हैं जो ध्यान रखती हैं ये बातें

कुछ अचीव करने वाली महिलाएं वह होती हैं जो खुद भी खुश रहती हैं और अपने आसपास भी खुशहाली फैलाती हैं!
 
हम लोगों में से ज्यादातर अपने जीवन का बहुत अच्छे-से ध्यान रखते हैं। हां, हमारे सामने जो भी जीवन आता है, हम पूरे मजे से जीते हैं। हम जो भी करते हैं, उसमें तरक्की करने की आकांक्षा रखते हैं। हमारे अंदर वह क्षमता है जो हमें मुश्किल वक्त से आगे निकालकर ले जाती है। ऐसी असाधारण महिला होने के नाते, हमें दुनिया में अपना योगदान बढ़ाना होगा।
 
हो सकता है कि हमने मैडम क्यूरी की तरह रेडियम की खोज नहीं की हो या मदर टेरेसा जैसे अपने जीवन का समर्पण नहीं किया हो और निस्संदेह हम एमएस सुब्बालक्ष्मी भी नहीं हैं, जिन्होंने अपने पवित्र संगीत से दुनिया में शांति और सामंजस्य को विस्तार दिया। इसके बाद भी हम कहीं न कहीं किसी की तरक्की में अपना छोटा लेकिन महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं। इस प्रक्रिया में निश्चित तौर पर हमारी अपनी तरक्की भी छिपी है। हकीकत यह है कि एक दिन हम देखेंगे कि हमारे अंदर की औरत भी तरक्की कर रही है।
 
हम अपने योगदान न देने की वजह समय की कमी को बता सकते हैं। लेकिन मैंने महसूस किया (जिंदगी में थोड़ा देरी से ही सही) कि जब मैंने अपनी और अपने परिवार की जिंदगी से बाहर सोचना शुरू किया तो मेरी ऊर्जा कई मायनों में बढ़ गई। समाज में योगदान देने के लिए मुझे फुलटाइम सोशल वर्कर होने की जरूरत नहीं है। सामाजिक प्राणी होने की वजह से यह मेरा दायित्व है कि समाज से मुझे जो भी मिला है, उसमें से मैं थोड़ा-बहुत लौटाऊ भी।
 
मैंने और मेरे पति ने कंप्यूटर पर विचारोत्तेजक कैप्शन और संदेश से कुछ पोस्टर प्रकाशित किए। उन्हें मैंने अपने इलाके में कुछ सार्वजनिक स्थानों पर लिखा। उस पर नाम लिखा था- 'सहायता’।
 
उदाहरण के लिए:
 
'एक्सचेंज ऑफर: अपनी चिंताओं को खुशी में बदले और पाएं एक मुस्कराहट फ्री।’
'प्रेरणा और पसीना ही मिलकर हंगामा मचाते हैं।’
 
यदि इन पोस्टरों ने किसी एक व्यक्ति की जिंदगी में भी बदलाव ला दिया तो मेरा काम सफल हो जाएगा। यदि कोई मानसिक तौर पर परेशान व्यक्ति इन संदेशों को पढ़कर कुछ देर के लिए राहत पाता है तो इन संदेशों का उद्देश्य पूरा हो जाएगा। मैं कुछ बच्चों को एकजुट कर या एकजुट हुए बच्चों को साथ लेकर उनके लिए मजेदार खेल बनाती हूं। उन्हें ग्रुप में खेलने में मजा आता है। मैं उनके साथ नाच-गा भी लेती हूं। नई पीढ़ी को खुशी देना और इसमें छोटा-सा हिस्सा बनना बेहद अच्छा लगता है।

नकली किन्नर बन कर रहे थे वसूली, असली ने देखा तो जमकर की धुनाई


जयपुर. किन्नरों का आतंक कम नहीं हो रहा, बल्कि लगातार बढ़ रहा है। गुरुवार को जयपुर के कालवाड़ रोड पर गोविंदपुरा में किन्नरों ने ऐसा हंगामा खड़ा किया कि इलाके में दहशत हो गई। हुआ यूं कि गोविंदपुरा की प्रताप नगर कॉलोनी में गृह प्रवेश था। दो किन्नर आए और 10 हजार रुपए का नेग मांगा। मकान मालिक ने असमर्थता जताई और श्रद्धानुसार नेग लेने का आग्रह किया। किन्नरों ने हंगामा खड़ा कर दिया। लोगों को शर्मिंदा करने वाली हरकतें कीं।
 
इसी बीच कुछ लोगों को उन पर शक हुआ तो उन्होंने दोनों किन्नरों को पकड़ लिया। इसी बीच कुछ और किन्नर वहां आ गए। उन्होंने जनता द्वारा पकड़े गए दोनों किन्नरों को उनसे छुड़ाया और ताबड़तोड़ पिटाई शुरू कर दी। असली ने लोगों को बताया कि दोनों किन्नर नकली हैं। इसी बीच नागरिकों में से किसी ने पुलिस को फोन कर दिया। दो सिपाही आए, लेकिन किन्नरों की फौज ने दोनों किन्नरों को उन्हें सौंपने से मना कर दिया। माहौल बहुत बिगड़ गया। 
 
बड़ी परेशानी : मुंहमांगा नेग, तय क्यों न हो?
 
कॉलोनी के मूलचंद शर्मा, योगेश शर्मा सहित लगभग हर व्यक्ति का कहना था- कोई भी शुभ कार्य हो, सबसे पहले बिन बुलाए यही मेहमान आते हैं। व्यक्ति की आर्थिक स्थिति स्पष्ट होने पर भी सोने के जेवर, महंगा कपड़ा और मोटी रकम की मांग करते हैं।
 
असमर्थता जताने पर छिछोरी हरकतें करते हैं। इनमें भी तय नहीं कि कहां-कौन किन्नर आएगा। एक के बाद एक किन्नर आते रहते हैं और खुद को असली दूसरे को नकली बताते हैं। 
 
आग्रह
 
किन्नर को नेग देना हमारी परंपरा है और हम देंगे भी, लेकिन नेग लेने की गुंडागर्दी बर्दाश्त कैसे करें? पुलिस-कानून, सरकार और अन्य जिम्मेदार इसके लिए क्या कर सकते हैं? इस सवाल पर जनता ने एकसुर में कहा- शुभ कार्य के मुताबिक उसका नेग तय होना चाहिए। किन्नरों की सूची क्षेत्र मुताबिक सार्वजनिक होनी चाहिए और अभद्रता पर उन्हें दंडित किया जाना चाहिए

इस मंदिर पर पाक ने गिराए थे 3000 बम, मां के आशीर्वाद से एक भी न फटा

(फोटो- राजस्थान के जैलसमेर में बॉर्डर पर स्थित तनोट माता का मंदिर।)
 
जोधपुर। जैसलमेर से थार रेगिस्तान में 120 किमी. दूर सीमा के पास स्थित है तनोट माता का सिद्ध मंदिर। जैसलमेर में भारत पाक सीमा पर बने तनोट माता के मंदिर से भारत-पाकिस्तान युद्ध (1965 और 1971 की लड़ाई) की कई अजीबोगरीब यादें जुडी हुई हैं। यह मंदिर भारत ही नहीं बल्कि पाकिस्तानी सेना के फौजियों के लिये भी आस्था का केन्द्र रहा है। राजस्थान के जैसलमेर क्षेत्र में पाकिस्तानी सेना को परास्त करने में तनोट माता की भूमिका बड़ी अहम मानी जाती है। यहां तक मान्यता है कि माता ने सैनिकों की मदद की और पाकिस्तानी सेना को पीछे हटना पड़ा। इस घटना की याद में तनोट माता मंदिर के संग्रहालय में आज भी पाकिस्तान द्वारा दागे गये जीवित बम रखे हुए हैं। 

Dainikbhaskar.com 1965 भारत-पाकिस्तान युद्ध के 50 साल पूरे होने पर पाक सीमा से सटे एक ऐसे मंदिर के बारे में बता रहा है जिस पर दुश्मन द्वारा दागे गए करीब 3000 तोप के गोले भी मंदिर को रत्ती भर भी नुकसान नहीं पहुंचा पाए थे।
 
3000 पाकिस्तानी तोप के गोले भी रहे बेअसर

17 से 19 नवंबर 1965 को शत्रु ने तीन अलग-अलग दिशाओं से तनोट पर भारी आक्रमण किया। दुश्मन के तोपखाने जबर्दस्त आग उगलते रहे। तनोट की रक्षा के लिए मेजर जय सिंह की कमांड में 13 ग्रेनेडियर की एक कंपनी और सीमा सुरक्षा बल की दो कंपनियां दुश्मन की पूरी ब्रिगेड का सामना कर रही थी। 1965 की लड़ाई में पाकिस्तानी सेना कि तरफ से गिराए गए करीब 3000 बम भी इस मंदिर पर खरोच तक नहीं ला सके, यहां तक कि मंदिर परिसर में गिरे 450 बम तो फटे तक नहीं।
 
कब्जा करने उद्देश्य से पाकिस्तान ने भारत के इस हिस्से पर जबर्दस्त हमले किए लेकिन उन्हे कामयाबी नहीं मिली। अब तक गुमनाम रहा यह स्थान इसके बाद प्रसिद्ध हो गया। विश्वास किया जाता है कि तनोट माता के प्रताप से ऐसा हुआ। पाक सेना 4 किमी. अंदर तक हमारी सीमा में घुस आई थी। बाद में जब भारतीय सेना हावी हो गई, उन्होंने जवाबी आक्रमण किया जिससे पाकिस्तानी सेना को भयंकर नुकसान हुआ और वे पीछे लौट गयी। 
 
माता का मंदिर जो अब तक सुरक्षा बलों का कवच बना रहा, शान्ति होने पर सुरक्षा बल इसका कवच बन गये। मंदिर को बीएसएफ ने अपने नियंत्रण में ले लिया। आज यहां का सारा प्रबन्ध सीमा सुरक्षा बल के हाथों में है। मंदिर के अन्दर ही एक संग्रहालय है जिसमें वे गोले भी रखे हुए हैं। पुजारी भी सैनिक ही है। सुबह-शाम आरती होती है। मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार पर एक रक्षक तैनात रहता है,  लेकिन प्रवेश करने से किसी को रोका नहीं जाता। फोटो खींचने पर भी कोई पाबंदी नहीं। इस मंदिर की ख्याति को हिंदी फिल्म 'बॉर्डर' की पटकथा में भी शामिल किया गया था। दरअसल, यह फिल्म ही 1965 युद्ध में लोंगोवाल पोस्ट पर पाकिस्तानी सेना के हमले पर बनी थी।

ये हैं वो 20 बातें जिनकी वजह से पति-पत्नी में अक्सर बहस होती है

ये हैं वो 20 बातें जिनकी वजह से पति-पत्नी में अक्सर बहस होती है


 
(तस्वीरों को प्रयोग प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है)
 
लाइफस्टाइल डेस्क: शादी के बाद पुरुष और महिला दोनों की जिम्मेदारियां बढ़ जाती हैं। ये ही दोनों परिवारों को आपस में जोड़कर रखते हैं। शादी के बाद दोनों की ज़िंदगी में बहुत बदलाव भी आते हैं। अब यह ज़रूरी तो नहीं कि एक पार्टनर में आया बदलाव दूसरे पार्टनर को भी पसंद आए?, क्योंकि रिश्ते में प्यार और विश्वास होने के बावजूद कई छोटी-छोटी बातें खटास पैदा करती हैं। लेकिन इन छोटी-छोटी बातों को प्यार से निपटाया जाए, तो प्यार और भी बढ़ जाता है। आज हम आपको पति-पत्नी के बीच होने वाली बहस के बारे में बता रहे हैं।
 
20 ARGUEMENTS

1. मैच या सीरियल ?
ये कहानी हर घर की है। इस बात को लेकर सभी कपल्स में बहस होती ही है। टीवी का रिमोट अपने हाथ में रख डेली सोप और क्रिकेट मैच देखने की जिद से हमेशा तकरार होती है।  
 
2. यह मेरा घर, वो तेरा घर !
हम क्यों हमेशा दिवाली तुम्हारी मम्मी के घर सेलेब्रेट करते हैं? शादी के बाद मेरी फैमिली या तुम्हारी, ये बहस शादी के बाद हर कपल में होती है, खासकर त्योहारों के समय।

ये हैं वो 7 काम जो पुरुषों को शादी के बाद नहीं करने चाहिए

लाइफस्टाइल डेस्क: शादी से पहले दोस्तों के साथ रोज़ाना बाहर खाना, घर देर से आना, हर वीकेंड आउट ऑफ स्टेशन जाना और बेफिक्री से अपने कमरे में यहां-वहां समान फैलाना। शादी के बाद बीवी के साथ बाहर जाना, घर टाइम से आना, अगर नहीं तो फोन पर अपडेट देते रहना, वीकेंड पर बीवी के मायके जाना और कमरे को साफ करना और अगर ये नहीं किया तो बीवियों का गुस्सा झेलना।
 
ये चेंज सिर्फ आपकी लाइफ में नहीं, बल्कि शादी के बाद हर पतियों की लाइफ में होती है। शादी के बाद आपकी लाइफ सिर्फ आपकी नहीं रह जाती, बल्कि आपका पार्टनर भी इसका हिस्सा होता है। वो अपना खुद का घर छोड़ आपके साथ एक खूबसूरत जिंदगी जीने की उम्मीद लिए आती है, लेकिन पतियों की कुछ आदतें उन्हें परेशान करती हैं। आज आपको ऐसी ही 7 आदतों के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें आपको शादी के बाद जरूर बदल लेना चाहिए।      

1. स्पोर्ट्स के लिए बीवियों को अवॉइड करना
 
शादी से पहले क्रिकेट मैच को दोस्तों के एंजॉय करना अलग बात होती है। लेकिन शादी के बाद टीवी और आपका एक्स्ट्रा टाइम बीवियों के लिए होता है। इसीलिए स्पोर्ट्स के लिए बीवियों को कभी अवॉइड नहीं करना चाहिए, वरना वह अपने सीरियल्स के लिए आपको अवॉइड करना शुरू कर देंगी। शादी के बाद कभी-कभार स्पोर्ट्स देखें या फिर जरूरी मैच ही देखें। हर रोज़ टीवी के सामने रिमोट हाथ में लेकर न बैठ जाएं। यह बात बीवियों को बहुत बुरी लगती है।

BJP सांसद बोले- मदरसों में आतंकवाद की शिक्षा, हिंदू लड़कियों को फंसाने के लिए अरब देशों से फंडिंग


BJP सांसद बोले- मदरसों में आतंकवाद की शिक्षा, हिंदू लड़कियों को फंसाने के लिए अरब देशों से फंडिंगउन्नाव से सांसद साक्षी महाराज ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि मदरसों पर सरकार का नियंत्रण होना चाहिए। कुछ दिन पहले आदित्यनाथ ने भी अल्पसंख्यकों को लेकर विवादित बयान दिया था।

कुलपति की गाड़ी से मधेपुरा में टकरा गया था भूत

|विवि. सं.|02 मई 2013|
चौंकिये नहीं, ये हकीकत है क्योंकि बी.एन.मंडल विश्वविद्यालय के नव पदस्थापित कुलपति डा० आर.एन. मिश्रा ने विशेष बातचीत में खुद स्वीकारा है कि उनकी गाड़ी से मधेपुरा सदर अस्पताल के सामने ही मुख्य मार्ग पर पिछले दिनों भूत टकरा गया था.
      विज्ञान विषय के विद्वान प्राध्यापक बी.एन.मंडल विश्वविद्यालय के नव पदस्थापित कुलपति डा० आर.एन. मिश्रा ने मधेपुरा टाइम्स के द्वारा पूछे गए इस सवाल पर कि क्या भूत-प्रेत वास्तव में होते हैं पर भूत के साथ अपने अनुभव को सुनाया.

दर्द में पत्नी से छाती पर कचिया से करवाया तीन दर्जन से अधिक छेद

|वि.सं.|01 मई 2013|
चिकित्सा विज्ञान लाख प्रगति का दावा कर ले पर अभी भी बहुत से लोग ऐसे भी हैं जो बीमारी का इलाज झाड़-फूंक और अंधविश्वास के उपायों से करवाते हैं. मधेपुरा में छाती दर्द से पीड़ित एक व्यक्ति ने आराम पाने के लिए अपनी छाती पर कचिया जैसे नुकीले हथियार से तीन दर्जन से अधिक छेद करवा लिए. और यह छेद और कोई नहीं उसकी धर्मपत्नी ने ही किया.
      व्यवहार न्यायालय मधेपुरा में अनुसेवक की नौकरी कर रहे छोटेलाल मरांडी आदिवासी समाज से आते हैं और बताते हैं कि उनके समाज में अभी भी कई बीमारियों का इलाज आदिवासी समाज की पुरानी मान्यताओं के मुताबिक ही किया जाता है. उन्होंने दावा किया कि इस विधि से उन्हें छाती दर्द में आराम हो गया. साथ ही उनका दावा है कि झाड़-फूंक तथा अन्य विधियों को अपनाकर उनका समाज लकवा और अन्य बड़ी बीमारियों पर भी विजय हासिल कर लेता है.
      चिकित्सा विज्ञान में होने वाली रोज की प्रगति से इन्हें कोई लेना-देना नहीं है. चिकित्सकों की मानें तो इनके द्वारा इलाज की विधि का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है और इनके समाज के बहुत से लोग आज भी अंधविश्वास में डूबे हुए हैं. कई व्यक्ति इन सबकी वजह इनका अशिक्षित और रूढिवादी होना बताते हैं.
      पर छोटेलाल मरांडी जैसे कई लोग हैं जिन्हें इस बात की तनिक भी परवाह नहीं है कि पढ़े-लिखे लोग उनके बारे में क्या कहते हैं. लोगों की नजर में अंधविश्वास में ही  उनका विश्वास है

सुहागरात के बाद की पहली सुबह और दुल्हन से सवाल




शादी के अगले दिन दुल्हन की सहेली ने उससे पूछा...

सहेली: कल रात को तेरे साथ क्या हुआ?

दुल्हन: कुछ नहीं हुआ...

सहेली: अरे बता ना, शरमा क्यों रही है...

दुल्हन: पहले उन्होंने मेरी चुन्नी उतार कर खूंटी पर टांगी, फिर मेरी कमीज और सलवार उतार कर खूंटी पर टांग दी...

सहेली: फिर क्या हुआ?

दुल्हन: फिर अचानक खूंटी टूट गई और...

सहेली: और क्या?

दुल्हन: और वो सुबह तक खूंटी लगाते रहे...!!!
 

आपके चावल रहें उजले- उजले

घर में अनाज का भंडारण हम सभी करते हैं। इनमें गेहूं और दालें, तो आसानी से सहेज लिए जाते हैं, लेकिल चावलों को कीड़ों के प्रकोप से बचा पाना जरा मुश्किल होता है। आजमाएं कुछ उपाय, जिनसे चावल रहें सुरक्षित..

 चावल के बीच-बीच में नमक  की डली डाल दें। इससे सालभर चावल खराब नहीं होंगे।
 चावल में नीम या मेथी की सूखी पत्तियां मिलाकर भी रख सकते हैं।
 रातभर के लिए चावल को ओस में रख दें। सुबह छानकर डिब्बे में भर लें। इसके बाद न चावल खराब होंगे और न कभी उसमें कीड़े लगेंगे।
चावल में अरण्डी का तेल चुपड़कर रखें। सालों-साल चावल खराब नहीं होंगे।
 थोड़ा-सा खाने वाला चूना चावल में डालें और अच्छी तरह मिलाकर एक डिब्बे में भर दें। चावल खराब नहीं होंगे।
 हल्दी पाउडर की कुछ छोटी-छोटी पोटलियां बना लें। इन्हें चावलों के बीच-बीच में रख दें।
 करेले के सूखे छिलके चावल में मिलाकर रखें। कीड़े नहीं लगेंगे।
 बरसात के दिनों में चावल के डिब्बे में स्याही सोखता रख दें। इससे चावल सीलते नहीं हैं। ये पेपर किसी भी स्टेशनरी की दुकान में आसानी से मिल जाएगा।

ऐसी स्त्री से शादी करने पर सुख नहीं मिलता

विवाह से केवल वर और वधू का जीवन ही प्रभावित नहीं होता बल्कि दोनों के परिवारों के जीवन पर भी असर पड़ता है। इसी वजह से विवाह से पूर्व दोनों ही पक्षों को पूरी-पूरी सावधानी रखनी चाहिए। आचार्य चाणक्य ने बताया है कि किस स्वभाव की स्त्रियों से विवाह नहीं करना चाहिए, यहां दिए गए फोटो पर क्लिक करें और जानिए...